नौकरी का वादा, फिर युद्ध मोर्चा: आजमगढ़-मऊ के 13 युवकों की कहानी

रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़ा आजमगढ़ और मऊ के 13 युवकों का मामला नौकरी के नाम पर हुए धोखे, मानव तस्करी और परिवारों को मिलने वाली रकम के गलत तरीके से इस्तेमाल का गंभीर मामला बनकर सामने आया है। स्रोत के अनुसार, इन युवकों को सुरक्षा गार्ड, रसोइया और निर्माण सहायक जैसी सामान्य नौकरियों का भरोसा देकर रूस ले जाया गया था। रूस पहुंचने के बाद उनके पासपोर्ट और मोबाइल फोन ले लिए गए और रूसी भाषा में तैयार सैन्य अनुबंधों पर हस्ताक्षर करा दिए गए। इसके बाद उन्हें हथियारों की ट्रेनिंग देकर यूक्रेन सीमा के युद्ध क्षेत्र में भेज दिया गया।

Trump Sex-Trafficking Crackdown Faces DOJ Setback

WASHINGTON, U.S. — The Trump administration has repeatedly described the fight against sex trafficking as a major Justice Department priority, but federal prosecutions have fallen sharply during the first half of 2026, according to a Reuters review of federal court records and interviews with current and former officials, prosecutors and victims’ advocates.