तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को 2029 लोकसभा चुनाव में विपक्ष का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की मांग ने TVK और कांग्रेस के बीच तनाव बढ़ा दिया है। इसी बीच TVK ने 9 सितंबर को अपने सहयोगी दलों के साथ बैठक बुलाई है।

तमिलनाडु, India — तमिलनाडु की राजनीति में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की राष्ट्रीय भूमिका को लेकर TVK और कांग्रेस के बीच मतभेद सामने आ गए हैं। TVK के कुछ नेताओं और विधायकों ने 2029 लोकसभा चुनाव में विजय को विपक्ष के प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की मांग की है। इन बयानों से TVK की सहयोगी कांग्रेस असहज दिखाई दे रही है।
मुख्य बातें
- TVK ने 9 सितंबर को सहयोगी दलों के साथ बैठक बुलाई है।
- TVK के कुछ विधायक सी. जोसेफ विजय को 2029 में प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की मांग कर रहे हैं।
- कांग्रेस ने साफ किया है कि 2029 में प्रधानमंत्री पद के लिए उसकी पसंद राहुल गांधी हैं।
- TVK के पास अपने दम पर बहुमत नहीं है और सरकार कांग्रेस, वामपंथी दलों, VCK और IUML के समर्थन पर निर्भर है।
9 सितंबर की बैठक पर सबकी नजर
विजय को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की मांग के बीच TVK ने 9 सितंबर को अपने सहयोगी दलों के साथ बैठक बुलाने का फैसला किया है। विजय सरकार में मंत्री आधव अर्जुन, राज मोहन और आर. निर्मल कुमार ने CPI(M), CPI और MDMK को बैठक के लिए आमंत्रित किया है।
अभी यह साफ नहीं है कि गठबंधन में TVK के सबसे बड़े सहयोगी कांग्रेस को बैठक के लिए बुलाया गया है या नहीं। बैठक का एजेंडा भी स्पष्ट नहीं किया गया है। हालांकि, बैठक ऐसे समय हो रही है जब 2029 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष का नेतृत्व कौन करेगा, इसे लेकर TVK और कांग्रेस के बीच मतभेद खुलकर सामने आ चुके हैं।
विजय को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की मांग
विवाद की शुरुआत TVK के कई विधायकों की ओर से विजय को प्रधानमंत्री पद के लिए समर्थन देने वाले बयानों के बाद हुई। विधायक कनिमोझी ने कहा कि 2029 में विजय TVK के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। उन्होंने दावा किया कि देश का प्रधानमंत्री कौन बनेगा, इसका फैसला दिल्ली नहीं बल्कि तमिलनाडु करेगा।
कनिमोझी ने विजय की राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका की बात कही। उन्होंने यह भी दावा किया कि राहुल गांधी आखिरकार विजय की उम्मीदवारी का समर्थन करेंगे। उनके अनुसार, राहुल गांधी के समर्थन से ही विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने और आगे राहुल गांधी उनका साथ देकर उन्हें प्रधानमंत्री पद तक पहुंचाएंगे।
रानीपेट की विधायक आई. ताहिरा और ऊर्जा संसाधन एवं कानून मंत्री आर. निर्मल कुमार सहित TVK के दूसरे नेताओं ने भी विजय की राष्ट्रीय भूमिका का समर्थन किया है।
कांग्रेस ने विजय के दावे को खारिज किया
TVK नेताओं के इन बयानों पर कांग्रेस ने अलग रुख अपनाया है। कांग्रेस ने कहा कि 2029 में प्रधानमंत्री पद के लिए उसकी पसंद राहुल गांधी हैं। कांग्रेस विधायक दल की नेता थरहाई कथबर्ट ने विजय की उम्मीदवारी के अभियान को TVK के कुछ पहली बार चुने गए विधायकों के फैन माइंडसेट का नतीजा बताया।
कांग्रेस के अनुसार, विजय पहले ही राहुल गांधी को गठबंधन का उम्मीदवार स्वीकार कर चुके हैं और कुछ विधायकों के बयान पार्टी की तय रणनीति का प्रतिनिधित्व नहीं करते। तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मणिकम टैगोर ने भी इन दावों को ध्यान भटकाने की रणनीति बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का चुनाव आखिरकार मतदाता करेंगे।
TVK सरकार के लिए कांग्रेस का समर्थन अहम
TVK की सरकार कांग्रेस, वामपंथी दलों, VCK और IUML के समर्थन पर निर्भर है। कांग्रेस के राज्य सरकार में पांच विधायक और दो मंत्री हैं। TVK के पास अपने दम पर बहुमत नहीं है। ऐसे में कांग्रेस के साथ लंबे समय तक चलने वाला टकराव सरकार की स्थिरता के लिए दबाव पैदा कर सकता है।
TVK अभी औपचारिक रूप से INDIA ब्लॉक में शामिल नहीं हुई है। हालांकि, राज्य में कांग्रेस उसकी सरकार का हिस्सा है। ऐसे में दोनों दल चेन्नई में सहयोगी बने रहते हुए राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष के नेतृत्व को लेकर अलग-अलग रुख अपना रहे हैं।
गठबंधन के भविष्य पर भी सवाल
विजय और राहुल गांधी को लेकर TVK और कांग्रेस की ओर से सामने आए अलग-अलग दावों ने गठबंधन की आगे की दिशा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब 9 सितंबर की बैठक को इस बढ़ते मतभेद के बीच अहम माना जा रहा है।
2029 के लोकसभा चुनाव से पहले राज्य में TVK और कांग्रेस की साझेदारी किस तरह आगे बढ़ती है, यह दोनों दलों के बीच राष्ट्रीय नेतृत्व को लेकर मतभेद पर निर्भर करेगा।
Sonu Yaduvanshi is a Senior Content Specialist and Digital News Editor at The Nation Bulletin with over 5 years of editorial experience. He specializes in government recruitments, competitive exams, public policy, and national affairs, focusing on source-verified reporting and factual clarity for readers.


