प्रयागराज में ड्रग फैक्टरी का पर्दाफाश, 140 करोड़ की MD बरामद

प्रयागराज में मुंबई पुलिस की कार्रवाई के दौरान सामने आई कथित MD ड्रग फैक्टरी

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में खेत में बने टिन शेड के अंदर चल रही कथित अवैध MD ड्रग फैक्टरी का मुंबई पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मीरा-भाईंदर और वसई-विरार शहर की पुलिस ने प्रयागराज के मांडा थाना क्षेत्र के कोसड़ा कला, मेजा में छापेमारी कर करीब 52 किलो 932 ग्राम MD बरामद की है। मामले में प्रयागराज, मुंबई और अन्य स्थानों से कुल 21 आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। बरामद ड्रग्स की कीमत करीब 140 करोड़ रुपये बताई गई है।

पुलिस की जांच के अनुसार, यह नेटवर्क केवल ड्रग की बिक्री तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें कथित तौर पर MD बनाने वाले लोगों के साथ रसायन और लैब से जुड़ा सामान उपलब्ध कराने वाले, ड्रग की तस्करी और बिक्री करने वाले तथा आर्थिक लेन-देन में शामिल लोग भी जुड़े हुए थे। जांच का दायरा महाराष्ट्र से लेकर गुजरात और उत्तर प्रदेश तक फैला।

नालासोपारा से शुरू हुई जांच, प्रयागराज तक पहुंचा नेटवर्क

इस मामले की जांच 24 जून 2026 की रात नालासोपारा पूर्व के प्रगति नगर इलाके से शुरू हुई थी। पुलिस के अनुसार, बाबा पार्किंग परिसर के पास अविनाश उर्फ सोनू लोकनाथ अय्यर और रविकांत ओमप्रकाश राम को करीब 112 ग्राम MD के साथ पकड़ा गया था। इसके बाद तुलिंज पुलिस थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

प्रारंभिक गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण के जरिए कथित ड्रग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई। जांच आगे बढ़ने पर नालासोपारा, मुंबई, कल्याण, नेरुल, जलगांव, गुजरात और उत्तर प्रदेश तक फैले नेटवर्क के बारे में जानकारी सामने आई।

कोसड़ा कला में खेत पर बनाया गया था टिन शेड

पुलिस के अनुसार, तकनीकी जांच के दौरान रजनीश मिश्रा और शिवधन मिश्रा के नाम सामने आए। जांच में पता चला कि दोनों प्रयागराज के कोसड़ा कला क्षेत्र में कथित तौर पर MD बनाने की फैक्टरी चला रहे थे। पूछताछ में दोनों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने खेत की जमीन किराए पर ली थी और वहां टिन शेड बनाकर कथित अवैध फैक्टरी संचालित की जा रही थी।

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जानकारी मिलने के बाद क्राइम डिटेक्शन सेल की टीम प्रयागराज पहुंची और मांडा थाना क्षेत्र के कोसड़ा कला में छापेमारी की। पुलिस की कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में MD और अन्य सामग्री बरामद होने की बात सामने आई है।

52 किलो 932 ग्राम MD और बड़ी मात्रा में रसायन बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब 52 किलो 932 ग्राम MD बरामद की। इसके अलावा करीब 260 लीटर विभिन्न रसायन भी बरामद किए गए। बरामद सामग्री में MMA, एसीटोन, हाइड्रोक्लोरिक एसिड और क्लोरोफॉर्म शामिल बताए गए हैं।

पुलिस को मौके से लैब से जुड़े कई उपकरण भी मिले। इनमें 250 और 150 लीटर क्षमता के फ्लास्क, हीटिंग मेंटल, ड्रॉपिंग फनल और थर्मामीटर सहित अन्य उपकरण शामिल बताए गए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग और उससे संबंधित सामग्री मिलने के बाद मामले की जांच को और विस्तृत किया गया है।

21 आरोपियों की गिरफ्तारी, कई शहरों तक फैला नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, इस मामले में कुल 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आए आरोपियों की कथित भूमिकाएं अलग-अलग थीं। इनमें ड्रग बनाने से जुड़े लोग, रसायन और लैब उपकरण उपलब्ध कराने वाले लोग, ड्रग की तस्करी और बिक्री से जुड़े लोग तथा आर्थिक लेन-देन में शामिल लोग बताए गए हैं।

जांच के दौरान पुलिस ने नालासोपारा, मुंबई, कल्याण, नेरुल, जलगांव, गुजरात और उत्तर प्रदेश में नेटवर्क से जुड़े संभावित संपर्कों की पड़ताल की। इससे मामले का दायरा एक स्थानीय फैक्टरी से आगे बढ़कर कई इलाकों तक फैले कथित ड्रग नेटवर्क के रूप में सामने आया।

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प्रयागराज पुलिस की भूमिका पर भी उठे सवाल

इस कार्रवाई के बाद प्रयागराज में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रयागराज में बढ़ते अपराध और अपराधों में पुलिस की कथित संलिप्तता से जुड़ी शिकायतों के बीच पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया ने सेंट्रल एसओजी समेत नगर, गंगानगर और यमुनानगर जोन की एसओजी टीमों को भंग कर दिया।

इन चारों टीमों में तैनात 45 दरोगा और सिपाहियों को एसओजी से हटाए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि अपेक्षित कार्रवाई में नाकाम रहने और अपराधियों से सांठगांठ समेत कई शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई। हालांकि, इन आरोपों से जुड़े तथ्यों की जांच और आधिकारिक कार्रवाई की स्थिति मामले के आगे बढ़ने के साथ स्पष्ट होगी।

पिछले पुलिस कमिश्नर के कार्यकाल से जुड़ा दावा

मामले को लेकर यह दावा भी सामने आया है कि प्रयागराज में कथित ड्रग फैक्टरी का यह गोरखधंधा पिछले पुलिस कमिश्नर आईपीएस जोगेंद्र कुमार के कार्यकाल से चल रहा था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि या फैक्टरी के वास्तव में कितने समय से संचालित होने की विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए इस पहलू को जांच के दायरे में देखा जाना जरूरी है।

फिलहाल मुंबई पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रयागराज में संचालित कथित अवैध ड्रग फैक्टरी और उससे जुड़े नेटवर्क की तस्वीर सामने आई है। बड़ी मात्रा में MD, रसायन और लैब उपकरणों की बरामदगी के साथ 21 आरोपियों की गिरफ्तारी ने मामले को गंभीर बना दिया है। जांच एजेंसियां अब नेटवर्क के अन्य संपर्कों, आर्थिक लेन-देन और ड्रग की सप्लाई से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।

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एसओजी टीमों के भंग होने से कार्रवाई पर चर्चा

ड्रग फैक्टरी के खुलासे के साथ ही प्रयागराज पुलिस की एसओजी टीमों को भंग किए जाने की कार्रवाई भी चर्चा में है। चार एसओजी टीमों में तैनात 45 पुलिसकर्मियों को हटाए जाने से पुलिस व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर सवाल उठे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस कमिश्नर ने यह कदम अपराध और पुलिसकर्मियों की कथित भूमिका से जुड़ी शिकायतों के बीच उठाया है।

मामले की जांच आगे बढ़ने पर यह स्पष्ट होगा कि प्रयागराज में कथित ड्रग फैक्टरी कितने समय से संचालित थी, इसके पीछे कौन-कौन लोग थे और पूरे नेटवर्क के अन्य हिस्सों तक इसकी पहुंच कितनी थी। फिलहाल 52 किलो 932 ग्राम MD की बरामदगी और 21 गिरफ्तारियों ने प्रयागराज से जुड़े इस कथित ड्रग नेटवर्क को जांच के केंद्र में ला दिया है।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई पुलिस कार्रवाई और घटनाक्रम की जानकारी पर आधारित है। आरोपों और दावों की अंतिम पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।