कानपुर नगर में पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में कथित गैरकानूनी तोड़फोड़ और संपत्ति पर कब्जे की कोशिश के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर पुलिस कमिश्नर को तलब किया है। कोर्ट ने 9 सितंबर को उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होकर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।

कानपुर नगर — इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कानपुर पुलिस कमिश्नर को 9 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट के सामने पेश होने का आदेश दिया है। उन्हें घटना के दिन की परिस्थितियों और पुलिस की कार्रवाई की जानकारी देते हुए व्यक्तिगत हलफनामा भी दाखिल करना होगा।
मुख्य बातें
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर पुलिस कमिश्नर को व्यक्तिगत रूप से तलब किया।
- कोर्ट ने पुलिस की कथित गैरकानूनी तोड़फोड़ और संपत्ति पर कब्जे की कोशिश को गंभीर मामला माना।
- 9 सितंबर को व्यक्तिगत पेशी के साथ घटना से जुड़ा हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
- मामले में सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के रंगीन फोटो कोर्ट के सामने रखे गए।
कानपुर पुलिस की कार्रवाई पर हाईकोर्ट नाराज
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने केस डायरी और दाखिल जवाबी हलफनामे में मौजूद सामग्री का परीक्षण किया।
कोर्ट ने प्रथम दृष्टया कहा कि उपलब्ध सामग्री से ऐसा प्रतीत होता है कि कानपुर नगर की पुलिस शिकायतकर्ता के पति की संपत्ति को कथित रूप से गिराने और उस पर कब्जा करने की कार्रवाई में शामिल थी।
कोर्ट ने कहा कि यह बहुत गंभीर मामला है और पुलिस की ऐसी मनमानी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कोर्ट के अनुसार पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए होती है, न कि कानून को अपने हाथ में लेने के लिए।
9 सितंबर को पुलिस कमिश्नर की व्यक्तिगत पेशी
हाईकोर्ट ने कानपुर पुलिस कमिश्नर को 9 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया है। उन्हें घटना के दिन की परिस्थितियों और पुलिस की कार्रवाई की जानकारी वाला व्यक्तिगत हलफनामा भी दाखिल करना होगा।
यह आदेश जस्टिस राजीव लोचन शुक्ला की सिंगल बेंच ने याचिकाकर्ता योगेश कुमार सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया।
कोर्ट में पेश किए गए सीसीटीवी फुटेज
सुनवाई के दौरान मामले के विवेचक धर्मा कुशवाहा अदालत में व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे। राज्य सरकार की ओर से दाखिल जवाबी हलफनामे के साथ घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और विभिन्न वीडियो के रंगीन फोटो भी कोर्ट के सामने पेश किए गए।
कोर्ट ने उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज के अंशों और केस डायरी में दर्ज तथ्यों का परीक्षण किया। फुटेज देखने के बाद कोर्ट ने पाया कि कथित घटना दिनदहाड़े पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में हुई।
फुटेज में पुलिस अधिकारी और आरोपी दिखाई दिए
अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, वीडियो फुटेज में अपर पुलिस उपायुक्त, कानपुर नगर कपिल देव मौके पर दिखाई दे रहे थे। फुटेज में उनके पास आरोपी योगेश कुमार सिंह के खड़े होने की बात भी सामने आई।
रिकॉर्ड में एक अन्य आरोपी अरुण अवस्थी की मौजूदगी भी घटना स्थल पर दिखाई देने की बात दर्ज है। कोर्ट ने इन सामग्री को केस डायरी और जवाबी हलफनामे के साथ देखते हुए पुलिस की कथित भूमिका पर गंभीर टिप्पणी की।
योगेश कुमार सिंह को अंतरिम राहत
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता योगेश कुमार सिंह को अंतरिम राहत देते हुए अंतरिम अग्रिम जमानत दे दी। मामला पुलिस की कथित कार्रवाई और संपत्ति से जुड़े विवाद में पुलिस की भूमिका को लेकर कोर्ट के सामने आया था।
अब 9 सितंबर की सुनवाई में कानपुर पुलिस कमिश्नर की व्यक्तिगत पेशी और उनके हलफनामे पर नजर रहेगी।
Sonu Yaduvanshi is a Senior Content Specialist and Digital News Editor at The Nation Bulletin with over 5 years of editorial experience. He specializes in government recruitments, competitive exams, public policy, and national affairs, focusing on source-verified reporting and factual clarity for readers.


