जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय आजाद से मारपीट के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर अलग-अलग दावे भी सामने आए हैं।

बुलंदशहर — कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय आजाद से मारपीट के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। एसपी सिटी अभिषेक प्रताप अजेय के अनुसार, सूचना मिली है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने स्वतंत्र को चोला थाना क्षेत्र के गांव धमेड़ा नारा से गिरफ्तार किया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने बुलंदशहर पुलिस को इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
निशु आजाद के पिता से मारपीट का मामला
निशु आजाद का आरोप है कि 23 जून को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उनके पिता संजय के साथ मारपीट की गई। संजय आजाद ने पीटीआई से बात करते हुए आरोप लगाया कि स्वतंत्र भारद्वाज ने लोहे के कड़े से उनके सिर पर हमला किया, जिससे सिर पर चोट आई।
संजय आजाद ने यह भी दावा किया कि वह पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने गए थे, लेकिन वहां प्रशासन ने स्वतंत्र भारद्वाज को बचाया। उनका कहना है कि पहली चोट के बाद हुई मेडिकल जांच की रिपोर्ट उन्हें नहीं दी गई और शिकायत के बावजूद स्वतंत्र को करीब एक घंटे में छोड़ दिया गया।
स्वतंत्र भारद्वाज के वीडियो से उठा सवाल
सोशल मीडिया पर स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें वह निशु के पिता का सिर फोड़ने और सिर में टांके आने की बात कहते नजर आ रहे हैं। वीडियो में उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया और वह रात भर बाहर घूम रहे थे।
निशु आजाद ने वीडियो के आधार पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनके पिता पर हमला करने के मामले में हत्या के प्रयास की धारा 307 लगनी चाहिए थी। उन्होंने राहुल गांधी से न्याय दिलाने में मदद की उम्मीद जताई।
राहुल गांधी की ओर से भी निशु आजाद के समर्थन की बात सामने आई है।
स्वतंत्र ने सेल्फ डिफेंस का दावा किया
वहीं, एएनआई से बात करते हुए स्वतंत्र भारद्वाज ने कहा कि उन्होंने सेल्फ डिफेंस में हमला किया था। उनका दावा है कि अगर उन्होंने बचाव नहीं किया होता तो उनकी मॉब लिंचिंग हो जाती।
शुक्रवार सुबह बुलंदशहर में मीडिया से बातचीत के दौरान स्वतंत्र ने दिल्ली पुलिस का पूरा सपोर्ट मिलने की बात कही। इसके बाद वह जेवर से बुलंदशहर होते हुए दिल्ली की ओर जा रहा था। बताया गया कि हसनपुर में उसने करीब तीन मिनट तक मीडिया से बात की।
दिल्ली पुलिस पर कार्रवाई को लेकर आरोप
सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष पार्लियामेंट स्ट्रीट पहुंचे और अभियुक्तों की गिरफ्तारी की मांग की। सीजेपी का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान संजय आजाद के साथ मारपीट हुई, लेकिन पुलिसकर्मियों ने मौके पर मदद नहीं की।
सौरव दास ने आरोप लगाया कि संजय की चोट को देखते हुए एफआईआर में आईपीसी की धारा 307 जोड़ी जानी चाहिए थी, लेकिन पुलिस ने इसे जोड़ने से इनकार किया। उन्होंने डीसीपी सचिन शर्मा और एसीपी अजय शर्मा पर भी इस मांग को ठुकराने का आरोप लगाया।
सीजेपी ने यह भी आरोप लगाया कि मामले में गंभीर चोट वाली धारा नहीं लगाई गई और अब तक मेडिकल रिपोर्ट नहीं मिली है। संगठन का कहना है कि स्वतंत्र भारद्वाज के साथ कुछ अन्य लोग भी थे, जिनकी पहचान अब तक नहीं हो पाई है।
बुलंदशहर में हिरासत की जानकारी
एसपी सिटी अभिषेक प्रताप अजेय के अनुसार, दिल्ली पुलिस की स्पेशल क्राइम ब्रांच द्वारा स्वतंत्र भारद्वाज को चोला थाना क्षेत्र के गांव धमेड़ा नारा से गिरफ्तार किए जाने की सूचना मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस ने बुलंदशहर पुलिस को इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस सिविल ड्रेस में बुलंदशहर पहुंची थी। स्वतंत्र को आखिरी बार नैथला गांव से खुर्जा की ओर जाते हुए देखा गया था। वह बुलेट पर पीछे बैठा था और पहचान छिपाने के लिए हेलमेट लगाए हुए था।
मामले में एक तरफ संजय आजाद और सीजेपी की ओर से पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगाए गए हैं, वहीं दिल्ली पुलिस ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की गई।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
स्वतंत्र भारद्वाज को कहां से हिरासत में लिए जाने की जानकारी है?
एसपी सिटी अभिषेक प्रताप अजेय के अनुसार, स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर के चोला थाना क्षेत्र के गांव धमेड़ा नारा से गिरफ्तार किए जाने की सूचना मिली है।
निशु आजाद के पिता के साथ घटना कब हुई थी?
निशु आजाद के अनुसार, 23 जून को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उनके पिता संजय आजाद के साथ मारपीट हुई थी।
स्वतंत्र भारद्वाज ने हमले को लेकर क्या कहा?
स्वतंत्र भारद्वाज ने एएनआई से बातचीत में दावा किया कि उन्होंने सेल्फ डिफेंस में हमला किया था।
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की गई।
Sonu Yaduvanshi is a Senior Content Specialist and Digital News Editor at The Nation Bulletin with over 5 years of editorial experience. He specializes in government recruitments, competitive exams, public policy, and national affairs, focusing on source-verified reporting and factual clarity for readers.


