कानपुर के चौबेपुर क्षेत्र में एक ही दिन हिंसा की दो घटनाओं ने गांव में तनाव बढ़ा दिया। पहले रामपाल पर चाकू से हमला हुआ और कुछ घंटे बाद उसके छोटे भाई 26 वर्षीय गिरजा शंकर की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

कानपुर — कानपुर नगर कमिश्नरेट के चौबेपुर थाना क्षेत्र के वाजिदपुर गांव के मजरा कटिंतापुरवा में 2 सितंबर 2026 की रात 26 वर्षीय लोडर चालक गिरजा शंकर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इससे कुछ घंटे पहले उसके बड़े भाई रामपाल पर चाकू से जानलेवा हमला हुआ था। परिवार के अनुसार, दोनों घटनाओं के पीछे लंबे समय से चला आ रहा विवाद और स्थानीय रंजिश थी।
एक ही दिन में हुई हिंसा की दो घटनाएं
दिए गए घटनाक्रम के अनुसार, बुधवार शाम करीब 4 बजे रामपाल पर गांव के ही कुलदीप कुमार और उसके साथियों ने चाकू से हमला किया। रामपाल गंभीर रूप से घायल हुआ। इसके बाद रात करीब 8 बजे उसके परिजन चौबेपुर थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ नामजद शिकायत दी।
इसी दौरान गिरजा शंकर लोडर लेकर अपने घर पहुंचा। भाई पर हुए हमले की जानकारी मिलने के बाद उसकी कुलदीप और उसके साथियों से कहासुनी हुई। Source के अनुसार, रात करीब 10 बजे गिरजा शंकर घर के मुख्य दरवाजे पर मौजूद था, तभी उस पर गोली चलाई गई।
घटनाक्रम की समय-रेखा
| समय | स्थान | घटना | स्थिति |
|---|---|---|---|
| शाम 4:00 बजे | वाजिदपुर, गंगा कटरी क्षेत्र | रामपाल पर चाकू से जानलेवा हमला | रामपाल गंभीर रूप से घायल |
| रात 8:00 बजे | चौबेपुर थाना | परिजनों ने नामजद शिकायत दी | पुलिस कार्रवाई की मांग |
| रात 9:30 बजे | कटिंतापुरवा स्थित घर | गिरजा शंकर के पहुंचने के बाद दोनों पक्षों में कहासुनी | गांव में तनाव |
| रात 10:00 बजे | गिरजा शंकर का घर | गोली चलने की घटना | गिरजा शंकर गंभीर रूप से घायल |
| रात 10:45 बजे | बिठूर क्षेत्र का निजी अस्पताल | गिरजा शंकर को मृत घोषित किया गया | शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया |
पुरानी रंजिश का भी जिक्र
Source के अनुसार, वाजिदपुर के मजरा कटिंतापुरवा में शिव कुमार निषाद और राम औतार निषाद के परिवारों के बीच कई वर्षों से विवाद चला आ रहा था। इस विवाद में गंगा कटरी की जमीन और स्थानीय राजनीतिक समीकरण भी जुड़े होने की बात कही गई है।
मृतक के परिवार और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुलदीप कुमार को स्थानीय राजनीतिक समर्थन हासिल था। हालांकि, ये आरोप संबंधित पक्षों के दावे के रूप में सामने आए हैं। इन्हें अंतिम रूप से साबित तथ्य के तौर पर नहीं माना जा सकता जब तक जांच में इसकी पुष्टि न हो।
गोलीबारी के बाद मौके से साक्ष्य जुटाए गए
Source के अनुसार, पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मौके से 315 बोर के खाली कारतूस, इस्तेमाल किए गए शीशे और धातु के अवशेष तथा खून से सनी मिट्टी के नमूने सील किए गए।
गिरजा शंकर को गोली लगने के बाद परिजन उसे बिठूर क्षेत्र के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए कानपुर स्थित विधिक मॉर्च्युरी भेजे जाने की जानकारी Source में दी गई है।
पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया
घटना के बाद सहायक पुलिस आयुक्त बिल्हौर अंकित कुमार और संबंधित पुलिस उपायुक्त पुलिस बल के साथ वाजिदपुर पहुंचे। गांव में अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया और कानून-व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई।
दिए गए Source के अनुसार, मृतक के परिजनों की तहरीर के आधार पर चौबेपुर थाने में हत्या, जानलेवा हमले, आपराधिक षड्यंत्र और Arms Act से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया गया। Source में BNS, 2023 की धारा 103(1) का भी उल्लेख है।
| मामले का पहलू | Source में दी गई जानकारी |
|---|---|
| मृतक | गिरजा शंकर, 26 वर्ष, लोडर चालक |
| घायल | रामपाल, गिरजा शंकर का बड़ा भाई |
| पिता | शिव कुमार |
| मुख्य नामजद आरोपी | कुलदीप कुमार, पुत्र राम औतार |
| अन्य नामजद आरोपी | राम औतार निषाद एवं अन्य सहयोगी |
| बताया गया हथियार | 315 बोर का देशी तमंचा और चाकू |
| कानूनी कार्रवाई | BNS, 2023 और Arms Act के तहत मामला दर्ज होने की जानकारी |
| पुलिस कार्रवाई | मुख्य आरोपी सहित दो लोगों को हिरासत में लेने की जानकारी |
पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर उठे सवाल
मृतक के परिवार और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शाम 4 बजे रामपाल पर हमला होने के बाद पुलिस ने समय रहते पर्याप्त कदम नहीं उठाए। परिवार रात करीब 8 बजे शिकायत लेकर थाने पहुंचा था। Source में आरोप है कि इस दौरान गांव में तत्काल पुलिस बल नहीं भेजा गया और आरोपियों के खिलाफ उसी समय दबिश नहीं दी गई।
यह आरोप जांच का विषय है। उपलब्ध Source के आधार पर यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि पुलिस की कार्रवाई में देरी सीधे गिरजा शंकर की हत्या का कारण बनी। हालांकि, पहले हमले और बाद की गोलीबारी के बीच कम समय का अंतर पुलिस की शुरुआती प्रतिक्रिया पर सवाल जरूर खड़ा करता है।
घटना के बाद गांव में पुलिस तैनात
हत्या के बाद चौबेपुर, शिवराजपुर और आसपास के थानों की पुलिस को तैनात किए जाने की जानकारी दी गई है। तनाव को देखते हुए पुलिस ने फ्लैग मार्च भी किया। Source के अनुसार, नदी तटीय रास्तों पर भी नाकाबंदी की गई ताकि आरोपियों के भागने की संभावनाओं पर नजर रखी जा सके।
फिलहाल Source के अनुसार, मुख्य आरोपी कुलदीप कुमार सहित दो लोगों को पुलिस हिरासत में लिया गया है। पुलिस उनसे घटना में इस्तेमाल बताए गए हथियार और अन्य आरोपियों की भूमिका के बारे में पूछताछ कर रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
गिरजा शंकर की उम्र कितनी थी?
गिरजा शंकर 26 साल के थे और लोडर चालक के रूप में काम करते थे।
गिरजा शंकर की हत्या कब हुई?
Source के अनुसार, 2 सितंबर 2026 की रात करीब 10 बजे उनके घर के पास गोली चलने की घटना हुई।
हत्या से पहले क्या हुआ था?
हत्या से कुछ घंटे पहले गिरजा शंकर के बड़े भाई रामपाल पर चाकू से जानलेवा हमला हुआ था। इसके बाद परिवार शिकायत लेकर चौबेपुर थाने पहुंचा था।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
Source के अनुसार, मुख्य आरोपी कुलदीप कुमार सहित दो लोगों को हिरासत में लिया गया और गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
मामले में अब पुलिस की जांच, फोरेंसिक साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आरोपियों से पूछताछ आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

Praveen Yadav is the Founder and Editor at The Nation Bulletin. With over 3 years of experience in digital journalism and news reporting, he covers national affairs, governance, and breaking current events with a commitment to factual accuracy and verified reporting.


