उत्तर प्रदेश में इन्फ्लूएंजा ए (H1N1) यानी स्वाइन फ्लू के पुष्ट मामलों की संख्या 27 अगस्त के 551 से बढ़कर 1 सितंबर को 685 हो गई है। राज्य के 57 जनपदों में संक्रमण की मौजूदगी के बीच स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों, नेपाल सीमा और निजी जांच केंद्रों की निगरानी बढ़ाई है।

उत्तर प्रदेश में मौसमी बदलाव, आर्द्रता और तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच इन्फ्लूएंजा ए (H1N1) का प्रसार तेज हुआ है। राज्य स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 27 अगस्त को 551 पुष्ट मामलों के मुकाबले 1 सितंबर तक कुल संख्या 685 पहुंच गई। यानी 96 घंटे में 134 नए मामलों की पुष्टि हुई। संक्रमण 57 जनपदों तक पहुंच चुका है और कुल मामलों का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा एनसीआर से जुड़े जिलों में केंद्रित है।
खास बातें
- उत्तर प्रदेश में H1N1 के पुष्ट मामले 551 से बढ़कर 685 हुए, जबकि संक्रमण 57 जनपदों में दर्ज है।
- गौतमबुद्ध नगर में 189, लखनऊ में 113, मेरठ में 54 और गाजियाबाद में 32 पुष्ट मामले बताए गए हैं।
- पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह H1N1 पॉजिटिव पाए गए और उन्हें सरकारी आवास पर होम आइसोलेशन में रखा गया है।
- निजी केंद्रों में H1N1 RT-PCR की अधिकतम दर ₹3,000 तय की गई है।
- जिला अस्पतालों में 4 से 6 आइसोलेशन बेड आरक्षित किए गए हैं, जबकि नेपाल सीमा से लगे 8 जनपदों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
कौन से जिले बने H1N1 के प्रमुख हॉटस्पॉट?
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में गौतमबुद्ध नगर सबसे अधिक प्रभावित जनपद के रूप में सामने आया है, जहां 189 पुष्ट मामले दर्ज हैं। इसके बाद लखनऊ में 113 मामले हैं, जिनमें सक्रिय सीजन के दौरान 21 से अधिक मरीज उपचाराधीन बताए गए हैं। मेरठ में 54 और गाजियाबाद में 32 मामले दर्ज हैं।
| जनपद / क्षेत्र | पुष्ट मामले | स्थिति / विशेषता |
|---|---|---|
| गौतमबुद्ध नगर | 189 | दिल्ली-NCR से जुड़ा उच्च आवागमन वाला शहरी क्षेत्र |
| लखनऊ | 113 | स्थानीय संचरण और अन्य जनपदों से गंभीर मरीजों का रेफरल |
| मेरठ | 54 | पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रमुख वाणिज्यिक क्षेत्र |
| गाजियाबाद | 32 | उच्च जनसंख्या घनत्व और दैनिक आवागमन |
| रायबरेली | 14 | 24 घंटे में 11 नए मामले; सलोन में स्थानीय क्लस्टर की निगरानी |
| मुजफ्फरनगर | 11 | अर्ध-शहरी संचरण |
| बुलंदशहर | 10 | पारिवारिक संपर्कों से क्लस्टर आधारित प्रसार |
| अन्य 50 जनपद | 276 | छिटपुट मामलों की सतत निगरानी |
इटावा में दो नाबालिगों के संक्रमित मिलने और रायबरेली के सलोन क्षेत्र में 11 नए मरीज सामने आने से यह भी स्पष्ट हुआ है कि संक्रमण महानगरों तक सीमित नहीं है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ाई जा रही है।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह भी H1N1 पॉजिटिव
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के भी इन्फ्लूएंजा ए (H1N1) से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। स्रोत के अनुसार, फिरोजाबाद प्रवास के दौरान उन्हें 4 से 5 दिनों से तेज बुखार, अस्वस्थता और सर्दी-जुकाम के लक्षण थे। इसी कारण उन्होंने सिरसागंज स्थित आवास पर रविवार की साप्ताहिक जनसुनवाई रद्द कर दी थी। उनकी जगह उनके पुत्र अतुल प्रताप सिंह ने लोगों की समस्याएं सुनीं।
सोमवार को लखनऊ लौटने के बाद पहले मलेरिया समेत मौसमी संक्रमणों की जांच कराई गई, जिसकी रिपोर्ट नकारात्मक आई। इसके बाद मंगलवार सुबह KGMU के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में RT-PCR नमूना भेजा गया, जिसमें H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई।
KGMU के प्रवक्ता डॉ. के.के. सिंह के अनुसार, मंत्री में संक्रमण के लक्षण बेहद हल्के हैं और उनके महत्वपूर्ण शारीरिक मानक स्थिर हैं। बुधवार सुबह विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उनके सरकारी आवास पर स्वास्थ्य परीक्षण किया और अस्पताल में भर्ती कराने के बजाय होम आइसोलेशन में उपचार जारी रखने की सलाह दी। परिवार, घरेलू सहायकों और निजी स्टाफ की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग भी शुरू की गई है।
H1N1 से मौतों पर डेथ ऑडिट
संक्रमण बढ़ने के साथ कुछ मरीजों की मौत की जानकारी भी सामने आई है। फिरोजाबाद में 69 वर्षीय व्यापारी और बदायूं के बिल्सी क्षेत्र में 73 वर्षीय महिला की मौत उपचार के दौरान हुई। इससे पहले लखनऊ के इंदिरानगर की 50 वर्षीय महिला की बलरामपुर चिकित्सालय में सांस लेने में गंभीर परेशानी के बाद मृत्यु दर्ज की गई थी।
हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने इन मामलों को विशेषज्ञ समिति के डेथ ऑडिट के बाद ही पूर्ण रूप से स्वाइन फ्लू से हुई मौत के रूप में अधिसूचित करने की बात कही है। ऑडिट में यह देखा जाएगा कि मृत्यु का तत्काल कारण H1N1 से जुड़ी जटिलता थी या गंभीर सह-रुग्णताएं भी इसमें प्रमुख थीं।
अस्पतालों में आइसोलेशन बेड और दवाओं की तैयारी
उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने लखनऊ के स्वास्थ्य भवन स्थित HOPE (Health Online Parameter Evaluation) कमांड एवं कंट्रोल सेंटर से CMOs और CMSs के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान कई अस्पतालों में तैयारियों से जुड़ी कमियां सामने आईं।
- बाराबंकी और श्रावस्ती के संयुक्त/जिला अस्पतालों में आपातकालीन तैयारी और वार्ड प्रबंधन असंतोषजनक मिलने पर स्पष्टीकरण और चेतावनी के निर्देश दिए गए।
- गाजियाबाद और झांसी के अस्पतालों में CCTV कैमरों का गलत संरेखण मिला, जिसे ठीक करने का आदेश दिया गया।
- गोरखपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस जिला चिकित्सालय में भारी बारिश से इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रभावित हुई, जिससे प्रबंधन पोर्टल ऑफलाइन हो गया था।
- जिला और संयुक्त चिकित्सालयों में 4 से 6 आइसोलेशन बेड आरक्षित किए गए हैं।
- मुरादाबाद में जिला अस्पताल में 10 और प्रत्येक CHC पर 5 आइसोलेशन बेड तैयार किए गए हैं।
- अस्पतालों को Oseltamivir (Tamiflu), मेडिकल ऑक्सीजन, नेबुलाइज़र, ऑक्सीजन मास्क और ब्रोंकोडायलेटर्स का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया है।
- आगरा में 222 सिरप उपलब्ध होने के साथ 2,000 टैबलेट की अतिरिक्त मांग शासन को भेजी गई है।
नेपाल सीमा से लगे 8 जिले हाई अलर्ट पर
नेपाल सीमा से लगे पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महराजगंज और गोरखपुर को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इन क्षेत्रों में सीमा पार से आने वाले संदिग्ध लक्षणों वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा रही है।
निजी H1N1 जांच की दर ₹3,000 तय
निजी पैथोलॉजी केंद्रों में H1N1 RT-PCR जांच के लिए अधिक शुल्क वसूले जाने की शिकायतों के बाद लखनऊ CMO ने प्रमुख निजी अस्पतालों और कॉर्पोरेट लैब्स की बैठक बुलाई। SGPGIMS में निर्धारित ₹2,400 के सरकारी जांच शुल्क को आधार बनाते हुए निजी केंद्रों में H1N1 RT-PCR की अधिकतम दर ₹3,000 प्रति टेस्ट निर्धारित की गई है। निर्धारित सीमा से अधिक शुल्क लेने पर महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
H1N1 मरीजों के लिए तीन श्रेणियों का ट्राइएज
| श्रेणी | लक्षण / जोखिम | प्रबंधन प्रोटोकॉल |
|---|---|---|
| श्रेणी A | सामान्य बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द और बदन दर्द | RT-PCR की आवश्यकता नहीं; घर में आइसोलेशन और रोगसूचक उपचार की सलाह |
| श्रेणी B | उच्च ज्वर के साथ 65 वर्ष से अधिक उम्र, 10 वर्ष से कम बच्चे, गर्भावस्था या मधुमेह, हृदय/गुर्दे की बीमारी जैसी कोमोरबिडिटी | RT-PCR जांच, चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार शुरुआती Oseltamivir और होम आइसोलेशन निगरानी |
| श्रेणी C | बहुत अधिक सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द, निम्न रक्तचाप, हाइपोक्सिया या रक्त मिश्रित बलगम | तत्काल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड/ICU में भर्ती, स्वाब जांच, ऑक्सीजन सपोर्ट और Oseltamivir |
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को खांसते या छींकते समय मुंह ढकने, नियमित हाथ धोने, श्वसन स्वच्छता बनाए रखने और भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करने की एडवाइजरी दी है। चिकित्सीय मार्गदर्शन या आपात स्थिति में CMO कार्यालय की केंद्रीय हेल्पलाइन 0522-2622080 पर संपर्क किया जा सकता है।
राज्य में संक्रमण के आंकड़े तेजी से बढ़ने के बीच स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था, अस्पतालों की तैयारी, निजी जांच की दरों और संवेदनशील क्षेत्रों की स्क्रीनिंग पर जोर दिया जा रहा है। संदिग्ध मौतों के डेथ ऑडिट, ग्रामीण क्षेत्रों में श्रेणी आधारित ट्राइएज और नेपाल सीमा से लगे जिलों में सक्रिय निगरानी को आगे भी महत्वपूर्ण माना गया है।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है और उपलब्ध स्रोत सामग्री पर आधारित है। व्यक्तिगत चिकित्सीय सलाह के लिए योग्य विशेषज्ञ से परामर्श करें।

Praveen Yadav is the Founder and Editor at The Nation Bulletin. With over 3 years of experience in digital journalism and news reporting, he covers national affairs, governance, and breaking current events with a commitment to factual accuracy and verified reporting.


